अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी, जयंत चौधरी, राकेश टिकैत, चंद्रशेखर रावण, सतीश मिश्रा आज सब लखीमपुर में

लखीमपुर खीरी
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के गांव में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आने से पहले ही भारी बवाल हो गया। तेज रफ्तार कार ने कुछ किसानों को रौंद दिया जिसके बाद प्रदर्शनकारी भड़क उठे। कई गाड़ियां फूंक दी गईं और कार सवारों को बुरी तरह पीटा गया। बवाल के दौरान फायरिंग भी की गई। कार से कुचले गए किसानों में से चार की मौत की पुष्टि देर रात डीएम अरविन्द चौरसिया ने की। दूसरी ओर केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी ने अपने ड्राइवर सहित चार भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत का दावा किया है। घटनाक्रम को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा में उबाल है। किसान नेता राकेश टिकैत गाजीपुर बार्डर से खीरी के लिए चल दिए हैं। राजनीतिक दलों ने भी भाजपा को घेरा है। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खीरी आ रहे हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी  सोमवार को लखीमपुर खीरी पहुंच सकती हैं। उनके साथ पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के होने की संभावना है। प्रियंका गांधी मृतक किसानों से परिजनेां से मुलाकात के अलावा यहां के किसानों से भी बात करेंगी। प्रियंका गांधी अब यूपी को अस्थायी ठिकाना बनाएंगी और दिल्ली समेत बाहर के दौरे भी यहीं से करेंगी। वह शुक्रवार को दिल्ली वापस गई हैं।  बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देशानुसार सोमवार को राष्ट्रीय महासचिव व राजयसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्र रात्रि 3 बजे लखीमपुर खीरी घटना स्थल के लिए लखनऊ से प्रस्थान करेंगे। यह जानकारी उनके कार्यालय द्वारा दी गई है। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी सोमवार को लखीमपुर खीरी जाएंगे। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि लखीमपुर की घटना पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। वे पीड़ित परिवार वालों से मिलने के लिए सोमवार को लखीमपुर जा रहे हैं। 

यह है पूरी घटना:
घटनाक्रम के अनुसार रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जिले में थे। दोपहर में उनको केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के गांव बनवीरपुर जाना था। उप मुख्यमंत्री के आने के विरोध में सुबह से ही किसान उतर आए थे। तिकुनियां के महाराजा अग्रसेन इंटर कालेज में बनाए गए हेलीपैड पर किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर दीं। सैकड़ों की संख्या में काले झंडे लेकर किसान वहां मौजूद थे और उप मुख्यमंत्री के विरोध का ऐलान कर रहे थे। इसी बीच अचानक बनवीरपुर की ओर से बेहद तेज गति से आती दो कारें किसानों के बीच घुस गईं। उनको रौंदती हुई चली गई। इसमें एक कार में केंद्रीय राज्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्र मोनू के सवार होने का दावा किसान यूनियन ने किया है हालांकि हालांकि केंद्रीय मंत्री की ओर से इससे इंकार किया गया है। हादसे में 12 से ज्यादा किसान जख्मी हो गए। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने हादसा करने वाली गाड़ियों में तोड़-फोड़कर आग लगा दी। कार में जो भाजपाई मिला, उसको पीटा। इसके बाद भगदड़ मच गई। किसानों का आक्रोश देखकर पुलिस भी मैदान छोड़कर भाग खड़ी हुई। घटना में कई पत्रकार भी  गंभीर जख्मी हो गए। बवाल के बाद पुलिस ने तिकुनिया से पहले ही बैरीकेडिंग लगाकर रोक दिया। अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। दर्जनों किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत की चर्चा होने लगी। देर रात केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र ने अपने ड्राइवर सहित चार भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत का दावा किया। कुछ देर पर जिलाधिकारी अरविन्द चौरसिया ने कार दुर्घटना में चार लोगों के मरने की बात कही। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मरने वाले चारों लोग किसान हैं या कोई और। न ही उन्होंने कुल मृतकों की संख्या के बारे में साफतौर पर कुछ कहा। 
 

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