कैप्टन के बाद कृषि कानूनों का मुद्दा भी छिना, पंजाब में कांग्रेस को अब BJP से इस बात का डर

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अचानक तीनों कृषि कानून को वापस लेने का ऐलान कर दिया। इसके बाद अब पंजाब में किसानों की नाराजगी झेल रही बीजेपी के लिए चुनावी समीकरणों में भी बदलाव हो सकते हैं। अटकलें यह भी हैं कि बीजेपी अपनी पुरानी सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के साथ एक बार फिर से गठबंधन कर सकती है क्योंकि दोनों के बीच रिश्ते टूटने की वजह यानी कृषि कानून ही अब वापस लिए जा चुके हैं। ऐसे में पंजाब में नए-नए प्रयोग कर के अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश में जुटी कांग्रेस की टेंशन एक बार फिर से बढ़ गई है क्योंकि इस बार पार्टी की पारी संभालने के लिए 'कप्तान' यानी अमरिंदर सिंह भी नहीं हैं, बल्कि वह बीजेपी से गठबंधन के संकेत पहले ही दे चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस ने फिलहाल राज्य में 'वेट एंड वॉच' की पॉलिसी अपना ली है।

सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और परगट सिंह सहित कई कांग्रेसियों ने कृषि कानूनों को वापस लिए जाने को किसानों की जीत बताया है। हालांकि, इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, पार्टी में अंदरखाने यह चर्चा भी जोरों पर है कि भले ही बीजेपी ने उत्तर प्रदेश चुनावों को नजर में रखते हुए यह फैसला लिया हो लेकिन गुरुपूरब के पावन दिन यह घोषणा करना अपने आप में यह संदेश है कि बीजेपी पंजाब की जनता की नाराजगी को भी दूर करना चाहती है।

एक कांग्रेसी नेता के मुताबिक,  'फिलहाल, हमें भरोसा है कि यह फैसला हमारे लिए नुकसानदेह नहीं होगा लेकिन हमें कुछ समय रुक कर यह देखना होगा कि पंजाब की जनता इसको लेकर क्या प्रतिक्रिया देती है। पंजाबी प्रतिक्रियाशील मतदाता हैं। देखते हैं।'

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