बच्चे के एजुकेशन लोन को समय से नहीं चुकाया तो होगा ये असर

नई दिल्ली

शिक्षा ऋण (एजुकेशन लोन) महंगी पढ़ाई को भी सुविधाजनक बनाने में बेहद मददगार है। यह बच्चे के नाम से अभिभावक को मिलता है। कई बार कुछ आर्थिक मुश्किलों की वजह से अभिभावक मासिक किस्त (ईएमआई) चुकाने में असफल रह जाते हैं या देर कर देते हैं। ऐसा करना आपके बच्चे के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। इससे बच्चे का सिबिल स्कोर भी खराब होता है जिससे उसे किसी तरह का कर्ज मिलने में मुश्किल आ सकती है।

क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन लेने में होगी परेशानी
छात्र जब पढाई पूरी करके कोई नौकरी शुरू करता है और उसे पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड की जरूरत पड़ती है तो एजुकेशन लोन में डिफॉल्ट होने की वजह से बैंक उसे कर्ज देने से मना कर सकते हैं। आमतौर पर लोग यही समझते हैं कि अभिभावक ने कर्ज लिया है तो बच्चे को उससे क्या लेना-देना। जबकि एजुकेशन लोन ऐसा कर्ज है जिसमें बच्चा और अभिभावक दोनों का क्रेडिट स्कोर खराब होता है।
क्या होता है क्रेडिट स्कोर
आपका क्रेडिट स्कोर दरअसल आपकी ओर से पहले लिए गए लोन और उसके चुकाने का ब्योरा होता है। क्रेडिट स्कोर तीन अंको की एक संख्या होती है, जो 300 से 900 के बीच होती है। क्रेडिट स्कोर जितना अधिक होता है, उसे उतना ही बेहतर माना जाता है। 79 फीसदी कर्ज 750 से ज्यादा के स्कोर पर ही दिए जाते हैं। बैंक आपके लोन की अर्जी को आपका क्रेडिट स्को‍र चेक करने के बाद ही मंजूर करता है। अगर, अपका क्रेडिट स्कोर बेहतर है तो बैंक आपको आसानी से लोन मुहैया करा देते हैं। एक डिफॉल्ट करने पर भी क्रेडिट स्कोर कमजोर हो सकता है।

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