संक्रांति स्पेशल: ठंड में खूब खाएं सफेद तिल, ये हैं फायदे- नुकसान

जनवरी में ठंड अपने शबाब पर होती है। साथ ही एक संक्रांति के त्यौहार का भी भारत में कल्चर बढ़ जाता है। इस दौरान लोग घरों में तरह- तरह के पकवान बनाते हैं। इनमें जो सबसे ज्यादा चर्चित मिठाई रहती है, वो सफेद और गुड़ के लड्डू होते हैं। कहा जाता है, कि संक्रांति पर सूर्य को अराधना के बाद सुबह- सुबह नहा धोकर तिल के लड्डू और गुड़ खाया जाता है।  भारतीय धर्मशास्त्र प्रकृति पर निर्भर है। ऐसे में इस त्यौहार को मनाने की परंपरा के अलावा हम बता रहे हैं, कि सर्दी के मौसम में इस खास तरह के तिल के लड्डू का सेवन क्यों करना चाहिए। खासकर सर्दी में।

सफेद तिल रोज खाने से हेल्थ रिस्क फैक्टर में आती है कमी
चिरायु मेडिकल कॉलेज की डाइटीशियन प्रियंका शर्मा बताती हैं- सर्दियों के मौसम में अक्सर लोग तिल के लड्डू और गजक खाना पसंद करते हैं। ये हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक है। सफेद तिल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। सफेद तिल में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। फाइबर मोटापा, हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर जैसी बीमारियों के रिस्क को कम करता है। सफेद तिल प्लांट प्रोटीन का अच्छा सोर्स है। इसमें अच्छी मात्रा में मेथियोनीन और सिस्टीन अमीनों पाये जाते हैं। जो दालों से कम मात्रा में मिलता है। सफेद तिल में विटामिन बी, विटामिन ई, पाये जाते हैं। सफेद तिल में जिंक, आयरन, कैल्शियम, कॉपर जैसे तत्व पाए जाते हैं। ये हड्डी और थायरॉड से जुड़ी बीमारी के रिस्क को कम करते हैं। प्रियंका की मानें तो सफेद तिल रोज एक चम्मच खाना चाहिए। इससे हेल्थ रिस्क फैक्टर में कमी आती है, साथ ही  शरीर भी स्वस्थ रहता है।

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