NSUI नेता की बात सुनकर भड़के कलेक्टर, भिजवा दिया जेल, छात्रों को दी समझाइश

ग्वालियर
ग्वालियर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी में परीक्षाएं आगे बढ़ाने की मांग को लेकर NSUI ने हाल ही में हंगामा किया था. NSUI ने प्रशासनिक गेट का ताला तोड़ दिया. इसकी खबर लगते ही कलेक्टर मौके पर पहुंचे. उन्होंने पहले तो छात्र संगठन के नेताओं सहित हंगामा कर रहे छात्रों की क्लास ली, फिर परीक्षा की तारीखें आगे बढ़वाई.

गौरतलब है कि जीवाजी यूनिवर्सिटी की परीक्षा आगे बढ़ाए जाने को लेकर छात्र पिछले एक सप्ताह से आंदोलन कर रहे थे. आंदोलन की अगुआई NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवराज यादव कर रहे थे. छात्रों का हंगामा इतना बढ़ गया कि उन्होंने यूनिवर्सिटी के मेन गेट का ताला तोड़ दिया. इस बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों का समझाने की कोशिश की, लेकिन बाद में असहाय हो गया.

कलेक्टर ने दी छात्रों को समझाइश
हंगामा बढ़ा तो खबर लगने पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह जीवाजी यूनिवर्सिटी पहुंच गए. यहां कलेक्टर ने छात्रों को समझाइश दी. लेकिन, NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवराज यादव ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के साथ बहस शुरू कर दी. इस पर कलेक्टर ने शिवराज यादव से पूछा कि आप यूनिवर्सिटी में किस क्लास में पढ़ते हो? शिवराज ने बताया कि वो छात्र नहीं पदाधिकारी है तब कलेक्टर ने दूसरे छात्रों से पढ़ाई के बारे में पूछा.

कलेक्टर ने NSUI पदाधिकारी को जेल भेजने को कहा
कलेक्टर ने हंगामा कर रहे छात्रों से कहा कि पढ़ाई करने आते हो तो नेतागिरी नहीं करनी चाहिए. तब छात्रों ने कहा कि वो पढ़ते हैं. लेकिन, इस बार तैयारी के लिए वक्त नहीं मिला इसलिए परीक्षा बढ़वाने की मांग कर रहे हैं. फिर कलेक्टर ने उनसे पढ़ाई के बारे में पूछा तो किसी ने LLM, किसी ने MSc किसी से अन्य विषयों के बारे में कहा. इस पर कलेक्टर ने कहा कि आप सालभर पढ़ाई की बजाए नेतागिरी करोगे तो वक्त कहां मिलेगा. कलेक्टर ने कहा कि वो खुद इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रहे हैं. इसी बीच NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवराज यादव से बहस करने लगे. कलेक्टर ने शिवराज यादव को पुलिस के जरिये हिरासत में लेकर थाने भिजवा दिया. इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात कर छात्रों की परीक्षा 10 दिन आगे बढ़वाई.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *