शुरुआती कैंसर के लक्षणों को ना करें अनदेखा

कैंसर एक गंभीर बीमारी है। साथ ही यह अप्रत्याशित भी है। इसलिए इससे बचाव करना बेहद जरूरी है। कई बार आपकी लाइफस्टाइल का भी असर पड़ता है और यह बीमारी आपको घेर लेती है। लेकिन कुछ खानपान की आदतों में बदलाव कर कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचा जा सकता है।
हेल्दी जीवन जीने की संभावना को बढ़ाया जा सकता है। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसके शुरूआती लक्षणों को पहचान कर इस बीमारी को अधिक घातक होने से बचाया जा सकता है। खराब लाइफस्टाइल से कैंसर पैदा करने वाले कार्सिनोजेन्स के विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ सामान्य से दिखने वाले लक्षण जिन पर ध्यान देना जरूरी होता है। अगर एक या दो दिन में आराम नहीं मिलता है तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। ताकि सही वक्त पर बीमारी को पकड़ कर उसका इलाज वक्त पर किया जा सकता है। 1. थकान: अक्सर थकान होने पर आराम कर लेते हैं। जिसके बाद आप थकान महसूस नहीं करते हैं। लेकिन अगर आराम करने के बाद भी आपको लगातार थकान महसूस हो रही है तो डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है। 2.वजन घटना: अगर आपका वजन तेजी से घट रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है। वैज्ञानिकों के मुताबिक उन्हें कैंसर का पताचला था उनका वजन तेजी से घटा था। डॉक्टर इसे कैशेक्सिया कहते हैं। यह वजन घटाने के सिंड्रोम के बारे में बताते हैं। ऐसा थकान, भूख की कमी के कारण होता है। 3. बुखार: बुखार होना होना सामान्य है। यह फ्लू या सर्दी से हो सकता है। कई बार अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन कुछ संकेत हैं जिन पर आपको ध्यान देने की जरूरत है। जैसे – बिना किसी कारण के बार-बार बुखार आना, रात में बुखार आना, रात में अधिक पसीना आना। 4. दर्द: कई बार कैंसर दर्द के साथ प्रकट होते हैं। हड्डी के कैंसर की शुरूआत दर्द से होती है। ब्रेन ट्यूमर होने के कारण सिरदर्द बना रहता है। वह दवा लेने पर भी ठीक नहीं होता है। अगर आपको समझ नहीं आ रहा है ऐसा क्यों हो रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करें। हालांकि जरूरी नहीं है किहर प्रकार का कैंसर ही हो। 5. त्वचा पीला पड़ना: अगर आपके शरीर पर असामान्य तरीकों के लाल निशान, नए तिल, गांठों के निशान दिखते हैं तो यह कैंसर के संकेत हो सकते हैं। आंखों या उंगलियों का पीला पड़ना संभावित कैंसर के लक्षण है। वहीं मुंह के कैंसर में आपको मुंह में छाले के रूप में शुरू हो सकते हैं। उपरोक्त बताए गए सांकेतिक लक्षण है। यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से बताए गए है। अधिक और सटीक जानकारी के लिए डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

बचाव के उपाय- शारीरिक रूप से सक्रिय रहें:  अगर आप शारीरिक से सक्रिय रहते हैं तो इस घातक बीमारी से भी बचा जा सकता है। इसके लिए आपको कोई जिम ज्वाइन करने की जरूरत नहीं है। आप आराम सुबह सूर्य नमस्कार, मॉर्निंग वॉक करके भी इस अपने आपको एक्टिव कर सकते हैं। इससे आपके स्तन, फेफड़े, प्रोस्टेट और किडनी जैसे कैंसर से बचा जा सकता है।
तंबाकू का सेवन नहीं करें: तंबाकू का सेवन करने से आपको कैंसर की संभावना अधिक बढ़ जाती है। इससे गले का, मुंह का, गर्भाशय के कैंसर होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। वहीं ध्रूमपान करने से फेफड़ों के कैंसर का खतरा अधिक बढ़ जाता है।
धूप से बचाएं: धूप से होने वाली त्वचा का कैंसर बहुत अधिक घातक है। सूर्य की तेज पराबैंगनी किरणों के कारण कैंसर की संभावना अधिक होती है। धूप से बचाव के लिए खुले क्षेत्र में नहीं घूमें, टैनिंग से बचें। सनस्क्रीन लगाकर जाए।
टीकाकरण: हेपेटाइटिस बी और कुछ अन्य संक्रमणों के खिलाफ डॉक्टर की सलाह से टीकाकरण कराएं। जिससे कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। हेपेटाइटिस बी लिवर कैंसर होने के जोखिम को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। 
हेल्दी डाइट लें: हेल्दी भोजन से आपको कैंसर नहीं होगा इसकी असंभावना नहीं है। लेकिन अपनी डाइट में फल, सब्जियों और अन्य फूड्स को जरूर शामिल करें। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। वहीं प्रोसेस्ड फूड और हाई कैलोरी वाले फूड का सेवन नहीं करें। हेल्दी वजन से घातक कोशिकाओं का विकास कम होता है।

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