हरीश रावत की दो टूक- मुस्लिम यूनिवर्सिटी खोलने का बयान देने की बात साबित हुई तो छोड़ दूंगा राजनीति

देहरादून

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा और कांग्रेस नेता के समर्थकों पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया है। रावत ने कहा कि अगर यह साबित हो जाता है कि उन्होंने कभी राज्य में मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना करने को लेकर बयान दिया था तो वह राजनीति छोड़ देंगे। भाजपा ने उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के प्रचार अभियान के प्रमुख हरीश रावत के इस कथित बयान को चुनावों से पहले एक प्रमुख मुद्दा बना दिया था। राज्य के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 47 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सरकार बनाई है। रावत ने रविवार को फेसबुक पर जारी एक पोस्ट में कहा, "चुनाव में हमारी हार के बाद काफी समय से बिना किसी वजह के मेरे खिलाफ सोशल मीडिया पर बेबुनियाद आरोपों की बौछार की जा रही है। भाजपा समर्थकों के अलावा, हमारे एक नेता से जुड़े कुछ लोग भी मुझ पर निशाना साध रहे हैं। उन्हें लगता है कि यह राजनीति में मेरा अस्तित्व खत्म करने का एक अवसर है।"

'महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास बैठकर…'
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर राज्य में मुस्लिम विश्वविद्यालय स्थापित करने का उनका कथित बयान साबित हो जाता है तो वह महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास बैठकर राजनीति छोड़ने की घोषणा कर देंगे। इससे पहले रावत ने उन पर लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार किया था। उन्होंने कहा कि अगर पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग को लेकर वे कांग्रेस कार्यालय में उपवास पर बैठ गए, तो एआईसीसी को स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच बैठानी पड़ेगी।
 

बिना सिर पैर के हो रहे मुझ पर हमले
हरीश ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2022 हारने के बाद काफी समय से सोशल मीडिया में मुझ पर बिना सिर पैर के हमले करने वालों की बाढ़ आ गई है। धामी की धूम पेज में मुझ पर जुटकर प्रहार कर रहे भाजपाई शोहदों के साथ-साथ हमारे एक नेता से जुड़े हुए कुछ लोग भी दनादन मुझ पर गोले दाग रहे हैं। उनको लगता है हरीश रावत को गिराकर मार देने का यही मौका है।

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