बजट से पहले बड़े आर्थिक बदलाव के संकेत

नई दिल्ली
कोरोना महामारी से जूझते हुए दुनिया की ज्यादातर अर्थव्यवस्थाएं अब उबरने की कोशिश कर रही हैं। अर्थव्यवस्थाओं का आंकलन करने वाली दुनिया की बड़ी संस्थाओं में से एक IMF ने अकेले चीन और भारत में डबल डिजिट ग्रोथ का अनुमान लगाया है। ऐसे में सबकी नजरें अब इस बात पर लगी हुई हैं कि नए साल के बजट में वित्र मंत्री निर्मला सीतारमण भारत के आर्थिक विकास के लिए क्या रोडमेप देती हैं। भारत की जीडीपी में कृषि का आज भी अहम योगदान है। 

2020 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा भी मोदी सरकार ने किया है। ऐसे में अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत किसानों की नजर भी इस बजट पर भी होगी। देश के विकास के लिए इनकम टैक्स के तौर पर अहम योगदान देने वाला मध्यम वर्ग भी खुद को लंबे समय से उपेक्षित महसूस कर रहा है। ऐसे में देश की आबादी का सबसे बड़ा वर्ग, मीडियम क्लास भी बड़ी उम्मीदों के साथ इस बजट को देख रहा है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने बजट सत्र के एजेंडे पर चर्चा के लिए लिए सरकार की ओर से आज बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया है।

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