मेडिकल टूरिज्म के जरिए निवेश और रोजगार वृद्धि की कवायद

भोपाल
राज्य सरकार अब मध्यप्रदेश में प्राकृतिक, आयुर्वेदिक, योग और पारंपरिक पद्धति आधारित उपचार के लिए वेलनेस सेंटर, रिसोर्ट खोलने के लिए अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट की स्थापना करने वाले उद्योगपतियों को 90 करोड़ रुपए तक की निवेश प्रोत्साहन सहायता राशि उपलब्ध कराएगी। इसके जरिए मध्यप्रदेश में देशी-विदेशी पर्यटकों को मध्यप्रदेश में उपचार कराने के लिए रिझाने की कवायद की जाएगी।

पर्यटन विभाग ने इसके लिए नई नीति तय कर दी है। इसके जरिए  प्रदेश में निजी निवेश के माध्यम से अंतराष्टÑीय स्तर की प्राकृतिक आयुर्वेदिक, योग, पारंपरिक पद्धति आधारित संपूर्ण उपचार की सुविधाओं से लेस वेलनेस सेंटर और रिसोर्ट स्थापित किए जाएंगे। इससे ना मध्यप्रदेश संपूर्ण उपचार का एक केन्द्र बनेगा बल्कि मेडिकल टूरिज्म से प्रदेश में रोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे।

सौ करोड़ या अधिक रुपए के निवेश से अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट मेंं प्रदेश के दो सौ लोगों को रोजगार देने वाले निवश्ोकों को स्थाई पूंजी निवेश पर तीस प्रतिशत निवेश प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए 90 करोड़ रुपए तक निवेश प्रोत्साहन सहायता राशि दी जाएगी। दस करोड़ या अधिक की लागत वाले वृहद प्रोजेक्ट पर प्रदेश के पचास लोगों को रोजगार देने पर पंद्रह करोड़ रुपए तक और पचास करोड़ या अधिक का निवेश कर मेगा प्रोजेक्ट लगाने वाले निवेशक को प्रदेश के सौ निवेशकोें को रोजगार देने की शर्त पर तीस करोड़ तक निवेश प्रोत्साहन मिल सकेगा। किसी बड़े ब्रांडेड कंपनी द्वारा वेलनेस रिसोर्ट खोलने पर उसे और अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। वेलनेस सेंटर, रिसोर्ट में पांच करोड़ तक का निवेश करने वालों को दो करोड़ तक का अनुदान दिया जाएगा। स्थायी पूंजीगत व्यय पर पंद्रह प्रतिशत अनुदान होगा।

यहां लोगों को स्वस्थ जीवन प्रदान करने के लिए आयुर्वेद, नेचरोपैथी, स्पा, योग, मेडिटेशन, स्किन केयर ट्रीटमेंट उपलब्ध कराएगी। यहां सौ लोगों के बैठने की क्षमता वाला आडिटोरियम या कवर्ड खुला एरिया बनाया जाएगा। मेडिकल सुविधाएं और आठ प्रशिक्षित स्टाफ तैनात रहेगा। योग, नेचरोपैथी, आयुर्वेद के प्रशिक्षित शिक्षक तैनात किए जाएंगे। स्टार तथा डीलक्स श्रेणी के न्यूनतम दस कमरे यहां होंगे। कमरों में पर्याप्त स्थान, ठंडे, गर्म पानी, लाउंज, लॉकर्स, काफी शॉप, डायनिंग रुम, रसोईघर, पेंट्री, मनोरंजन के साधन, स्वीमिंग पूल, खेल सुविधाएं होगी।

शहरी क्षेत्र में भूमि की आॅफसेट प्राइज दस लाख रुपए प्रति हेक्टेयर और ग्रामीण क्षेत्र में पांच लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से सरकार उपलब्ध कराएगी। अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट में कलेक्टर गाइड लाइन रेट पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर जमीन मिलेगी। यह जमीन 90 वर्ष की लीज पर दी जाएगी। आयुष विभाग के आधिपत्य की भूमि का दीर्घावधि लीज, लायसेंस पर आवंटन किया जाएगा।

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