मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नसरुल्लागंज महाविद्यालय परिसर में किया पौधारोपण

नरसिंहपुर, 21 फरवरी 2021. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नसरुल्लागंज में स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातक महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर स्थानीय जन-प्रतिनिधियों ने भी पौधारोपण किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा नर्मदा जयंती पर लिए गए संकल्प के अनुसार प्रतिदिन पौधारोपण किया जा रहा है। आज महाविद्यालय परिसर में जन-प्रतिनिधियों ने भी विभिन्न प्रजाति के पौधे रोपे। इनमें शीशम, करंज और पुत्रजीवक आदि पौधे शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रियों और विधायकों के साथ किया पौधारोपण
नरसिंहपुर, 21 फरवरी 2021. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा जयंती पर प्रतिदिन एक पौधा लगाने का संकल्प लिया था। अपने संकल्प के अनुसार मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज प्रातः मुख्यमंत्री निवास परिसर में पौधारोपण किया। इस अवसर पर मंत्री और विधायक गण भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान, गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदोरिया, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग,  खनिज मंत्री श्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, विधायक सर्वश्री सीता सरन शर्मा, गिरीश गौतम, राजेंद्र शुक्ल, सुरेन्द्र पटवा, रामपाल सिंह और श्रीमती कृष्णा गौर सहित अनेक जन-प्रतिनिधियों ने मिल कर पीपल, आम, कनेर, नीम, आंवला, सप्तपर्णी सीता, अशोक और चीकू के पौधें रोपे।
समा.क्र. 203/ 528/ आर.के.एस.
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अजमेर उर्स के लिए चादर भेजी
नरसिंहपुर, 21 फरवरी 2021. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज प्रातः निवास पर श्री एस.के. मुद्दीन ने  प्रतिनिधि मंडल के साथ भेंट की।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री एस.के. मुद्दीन को चादर सौंपकर अजमेर शरीफ रवाना किया। श्री मुद्दीन मुख्यमंत्री की ओर से अजमेर उर्स में यह चादर चढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान से भेंट के दौरान श्री हारून जावेद सौदागर एवं श्री तवरेश शेख भी उपस्थित थे।
भारत के पास विज्ञानप्रौद्योगिकी एवं नवाचार में एक समृद्ध विरासत है : राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल
देश एक बार फिर जगतगुरू बनने की दिशा में अग्रसर
विक्रम विश्वविद्यालय में 24वां दीक्षान्त समारोह आयोजित
नरसिंहपुर, 21 फरवरी 2021. भारत के पास विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार में एक समृद्ध विरासत है। देश एक बार फिर जगतगुरू बनने की दिशा में अग्रसर है। विक्रम विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान-विज्ञान, शिक्षा एवं अनुसंधान केन्द्र की स्थापना एवं आगामी-सत्र से विभिन्न अध्ययन शालाओं, इलेक्ट्रॉनिक्स, फॉरेंसिक, फूड टेक्नालॉजी, हार्टिकल्चर और मत्स्य पालन सहित 100 से अधिक पाठ्यक्रम प्रारम्भ किये जा रहे हैं। आशा है यह नवीन प्रयास क्षेत्र, राज्य और राष्ट्र के विकास में सहयोग कर विश्वविद्यालय के इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करेंगे। राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने यह बात विक्रम विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षान्त समारोह में कही।
दीक्षान्त समारोह में कुलाधिपति राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने 325 छात्रों को वर्ष 2018-19 की पीएचडी उपाधि, स्नातक वर्ष 2018-19 की उपाधि तथा स्नातकोत्तर वर्ष 2018-19 की उपाधि एवं मेडल वितरित किये। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. डी.पी. सिंह, विधायक श्री पारस जैन, कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पाण्डेय, कुलसचिव डॉ. उदय नारायण शुक्ल, विश्वविद्यालय कार्य परिषद के सदस्य श्री राजेशसिंह कुशवाह, श्री सचिन दवे, सुश्री ममता बेंडवाल तथा डॉ. विनोद यादव सहित संकायाध्यक्ष, छात्र एवं प्राध्यापक मौजूद थे।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमें एक नई शिक्षा नीति को स्वीकार करने का सुयोग प्राप्त हुआ है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 21वीं शताब्दी की प्रथम शिक्षा नीति है, जिसका लक्ष्य हमारे देश के विकास के लिये अनिवार्य आवश्यकताओं को पूरा करना है। शिक्षा नीति में भारत की महान प्राचीन परम्परा तथा उसके सांस्कृतिक मूल्यों को आधार बनाया गया है। प्रत्येक व्यक्ति में निहित अपरिमित रचनात्मक क्षमताओं के विकास पर नीति में विशेष रूप से बल दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग इस नीति के क्रियान्वयन में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा तथा एकाग्रता के साथ निभा रहा है।
दीक्षान्त समारोह में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. डी.पी. सिंह ने कहा कि राष्ट्ररूपी नौका का खिवैया युवा वर्ग ही होता है। उनमें छलकता हुआ जोश, कुछ कर गुजरने का जुनून, आंखों में संजोये हुए भविष्य के सपने, सुन्दर कल की उम्मीद, आसमान को छू लेने की ललक होती है। युवा ही शासक, प्रशासक, शिक्षक, वैज्ञानिक, संगीतकार, साहित्यकार, चिकित्सक, अभियंता एवं कलाकार के रूप में अपने योगदान से सम्पूर्ण विश्व में राष्ट्र की विशेष पहचान स्थापित करते हैं। नई पीढ़ी की अनन्त सृजनशीलता और असीम जिज्ञासा के परिपोषण हेतु उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता है।
विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पाण्डेय ने स्वागत उद्गार प्रकट करते हुए कहा कि अवन्तिका के विद्या वैभव को पुन: प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से 1957 ईसवीं में विक्रम विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। स्थापना के वर्ष से वर्तमान तक विश्वविद्यालय निरन्तर अपने उद्देश्य की प्राप्ति हेतु अग्रसर है। वर्तमान में विश्वविद्यालय का क्षेत्राधिकार उज्जैन संभाग के सात जिलों में फैला है, जिसमें कुल 188 महाविद्यालय एवं 14 शोध केन्द्र हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालय द्वारा 31 अध्ययन केन्द्र संचालित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के दीक्षान्त समारोह में विशेष उपलब्धियों के लिये वर्ष 2018 और 2019 के स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक, शोधार्थियों को शोध उपाधियाँ एवं स्नातक व स्नातकोत्तर की उपाधियाँ प्रदान की गई है। दीक्षान्त समारोह का संचालन एवं आभार कुलसचिव डॉ. उदय नारायण शुक्ल ने किया।
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन और पूजा-अर्चना की
नरसिंहपुर, 21 फरवरी 2021. राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर मंदिर में पहुँचकर भगवान महाकाल के दर्शन और पूजा-अर्चना की। महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पं. संजय द्वारा पूजन-अर्चन संपन्न करवाया गया। इस दौरान प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, कलेक्टर श्री आशीष सिंह, महाकाल मन्दिर के पं. यश गुरू और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
खजुराहो नृत्य समारोह के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दीं शुभकामनाएँ
विशेष है इस बार का नृत्य समारोह
नरसिंहपुर, 21 फरवरी 2021. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्व प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य समारोह के शुभारंभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। साथ ही उन्होंने समारोह में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का हृदय से स्वागत किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि खजुराहो नृत्य समारोह केवल एक आयोजन नहीं है अपितु यह उपासना भी है तथा साधना और आराधना भी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि इस बार का नृत्य समारोह विशेष होगा। नृत्य का यह प्रतिष्ठा आयोजन वर्ष 1975 में खजुराहो मंदिर प्रांगण में प्रारंभ हुआ था। प्रारंभिक वर्षों में यह प्रांगण के अंदर ही आयोजित होता था, परंतु बाद में पुरातात्विक कारणों से इसका आयोजन प्रांगण के बाहर किया जाने लगा। पुरातत्व विभाग की अनुमति मिलने पर इस वर्ष समारोह का आयोजन मंदिर प्रांगण में ही हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष खजुराहो नृत्य समारोह का 47वां आयोजन है। आयोजन के 50 वर्ष पूर्ण हो जाने पर इसे और भव्यता प्रदान की जाएगी।
नीति आयोग के छह सूत्री एजेंडा को जमीन पर उतारेगा मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री श्री चौहान
इस साल 10 लाख करोड़ के सकल घरेलू उत्पाद का लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रखे नीति आयोग की बैठक में अपने विचार
नरसिंहपुर, 21 फरवरी 2021. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भारत को वर्ष 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ-व्यवस्था बनाने के लिए मध्यप्रदेश इस साल 10 लाख करोड़ के सकल घरेलू उत्पाद के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संकल्पित है।नीति आयोग के छह सूत्री एजेंडा को समय-सीमा में प्रदेश में व्यवहारिक रूप दिया जाएगा। प्रदेश में 30 लाख हेक्टेयर में फैले बिगड़े वन क्षेत्र में निजी सहयोग से वन विकसित करने और सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए पहल की जा सकती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अनुपयोगी सार्वजनिक संपत्तियों का तार्किक और वैज्ञानिक तरीके से मॉनिटाइजेशन करके इससे प्राप्त राशि का उपयोग विकास कार्यों में करना समय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में संपन्न नीति आयोग की संचालन परिषद की छठवीं बैठक में मंत्रालय से वर्चुअल भागीदारी कर विचार व्यक्त कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बैठक का आरंभ करते हुए कहा कि कोरोना के समय केंद्र और राज्यों ने मिलकर कार्य किया, जिससे विश्व में भारत की अच्छी छवि बनी है। सभी मिलकर कार्य करते हैं, तो अच्छे परिणाम आते हैं। कृषि प्रधान देश होने के बाद भी खाद्य तेल बाहर से आता है, प्रयास हों कि इसका उत्पादन देश में ही हो। अन्य कृषि उत्पाद भी यहीं खप जाएं, इसके लिए राज्य पहल करें। इस संदर्भ में उपलब्ध संभावनाओं को साकार करें। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि ईज ऑफ डूईंग के साथ ईज ऑफ लिविंग को प्राथमिकता दें। अनावश्यक कानून समाप्त हों, नागरिकों की अपेक्षाओं को पूर्ण करने पर बल दें।
नीति आयोग की संचालन परिषद सहयोगी संघवाद का आदर्श उदाहरण
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नीति आयोग की संचालन परिषद केन्द्र के साथ ही राज्यों में परस्पर संवाद का उपयुक्त प्लेटफार्म तथा सहयोगी संघवाद का आदर्श उदाहरण है। इससे केन्द्र तथा राज्य को विचार-विमर्श करने और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित हुई है, जिसका उपयोग पूरी प्रामाणिकता के साथ जारी है।
आपदा को अवसर में बदलने की प्रेरणा से मिली नई ऊर्जा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना के कठिन काल में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश को सशक्त नेतृत्व प्रदान किया। कई विकसित और समृद्ध देश उस सक्षमता और कुशलता से कोरोना का सामना नहीं कर पाये, जितना भारत ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में किया। अपने देश के साथ-साथ दुनिया के कई देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है। आपदा को अवसर में बदलने की प्रेरणा से नई ऊर्जा मिली है।
आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लिए बनाया रोडमेप
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा दिए गए आत्म-निर्भरता के मंत्र के परिपालन में हमने आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में तत्काल कार्य आरंभ किया। नीति आयोग के सहयोग से वेबिनार्स आयोजित कर रोडमैप तैयार किया। इसके चार आधार स्तंभ भौतिक अधोसंरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य, सुशासन, रोजगार और अर्थ-व्यवस्था निर्धारित किए गए। इन क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में प्राप्त किए जाएंगे। नीति आयोग द्वारा राज्यों के साथ विचार-विमर्श कर उनकी परस्थितियों और उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए छह सूत्री एजेंडे का निर्धारण स्वागत योग्य है। मध्यप्रदेश में छह सूत्री एजेंडा को समय-सीमा में पूर्ण किया जाएगा।
केन्द्रीय बजट आत्म-निर्भर भारत का बजट
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि केन्द्रीय बजट वास्तव में आत्म-निर्भर भारत का बजट है। पहले केन्द्र और राज्य का बजट एक साथ आता था। इससे राज्य सरकारों का बजट काल्पनिक स्वरूप का ही बन पाता था। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार का बजट पहले आने से राज्य सरकारों के लिए व्यवहारिक एवं वास्तविक बजट बनाना संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राज्यों से आव्हान किया कि वे परस्पर सहमति से ऐसे लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं, जिन्हें संपूर्ण देश में केन्द्रीय वित्तीय प्रावधान और राज्यों के सहयोग से एक साथ प्राप्त करने के लिए एक साथ प्रयास हों। मुख्यमंत्री ने सभी को नल से जल और हर घर को छत जैसे लक्ष्य लेकर राज्यों द्वारा एक साथ कार्य आरंभ करने का सुझाव दिया। इससे कुछ प्राथमिकताएँ पूरा देश एक साथ प्राप्त करने में सफल हो सकेगा।
ग्लोबल मेन्युफेक्चरिंग हब
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारत को ग्लोबल मेन्युफेक्चरिंग हब बनाने के लिए मध्यप्रदेश में ‘स्टार्ट योर बिजनेस इन थर्टी डेज व्यवस्था आरंभ की गयी है। इज ऑफ डूईंग बिजनेस की अवधारणा को धरातल पर उतारने का काम हमें करना है। स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देकर कौशल विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए प्रदेश में ग्लोबल स्किल पार्क विकसित किया जा रहा है।
जिलों में हो स्वस्थ प्रतिस्पर्धा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिलों के हुनर और विशेषताओं को देखते हुए ‘एक जिला-एक उत्पाद’ पर आरंभ कार्यों के अंतर्गत अमरकंटक क्षेत्र में मिलने वाली वन औषौघियों, नीमच-मंदसौर में लहसुन, बुरहानपुर में केले के उत्पाद के बेहतर व्यापार के लिए किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
तीनों कृषि कानून क्रांतिकारी
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये तीनों कृषि कानून क्रांतिकारी हैं। ये तीनों कानून किसानों की आय दोगुनी करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी जारी है। देश को कृषि के विविधीकरण के बारे में सोचना होगा। मध्यप्रदेश में अनाज के अलावा फूलों, फलों के उत्पादन, मधुमक्खी पालन आदि से कृषि क्षेत्र की तस्वीर बदलने का कार्य किया जा रहा है।
खाद्य तेल में आत्म-निर्भरता के लिए प्रयास होगा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने खाद्य तेल में आत्म-निर्भरता की आवश्यकता बताई है। उन्होंने प्रदेश की और से आश्वस्त किया कि जिस प्रकार मध्यप्रदेश में दालों का उत्पादन हुआ, उसी प्रकार खाद्य तेल में आत्म-निर्भरता के लिए भी भरपूर प्रयास किये जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और जीरो बजट की खेती भी देश के लिए जरूरी है। प्रदेश में इस दिशा में हो रहे कार्यों और स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों की जानकारी देते हुए श्री चौहान ने कहा कि इसे आंदोलन का रूप देना आवश्यक है।
शिक्षा और स्वास्थ्य में पहल
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नयी पहल करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आकांक्षी जिलों के साथ-साथ 50 आकांक्षी विकासखण्डों में भी विकास गतिविधियाँ जारी हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के राष्ट्र के विकास के प्रयासों की सराहना की। बैठक में अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी विचार व्यक्त किये।
8290 हेक्टेयर क्षेत्र में लघु वनोपज की योजना मंजूर : वन मंत्री कुंवर शाह
नरसिंहपुर, 21 फरवरी 2021. वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा है कि लघु वनोपज संघ द्वारा 8 हजार 290 हेक्टेयर क्षेत्र में लघु वनोपज प्रजातियों के रोपण की योजना मंजूर की गई है। विभागीय वृक्षारोपण में लघु वनोपन प्रजातियों के रोपण का दायरा 5 से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक कराए जाने का निर्णय भी लिया गया है।
वन मंत्री ने बताया कि विभागीय पौधा रोपण में स्थानीय प्रजातियों के साथ लघु वनोपज से जुड़ी वृक्ष प्रजातियों को प्राथमिकता से लगवाया जायेगा। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर भागीदारी से बिगड़े वनों का सुधार कार्यक्रम में आगामी 3 वर्ष में 5 हजार ग्राम वन समितियों को लाभान्वित कराया जाएगा। इससे वनों का संरक्षण और ग्रामीणों की आजीविका को सुदृढ़ किया जा सकेगा। वनों के सुधार और जंगलों के बचाव के लिए 317 ग्राम वन समितियों की सूक्ष्म प्रबंध योजना तैयार कर विदोहन प्रारंभ कर दिया गया है।
साढ़े सात लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार
वन मंत्री कुंवर शाह ने बताया कि वन प्रबंधन के तहत वर्ष 2021-22 में 7 लाख 68 हजार लोगों को 100 दिवस का रोजगार दिया जायेगा। इसके लिए यथाशीघ्र मास्टर प्लान तैयार कराया जाएगा।
अधिकारी वनांचल में करें रात्रि विश्राम
वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने वन विभाग के अधिकारियों को वनांचल क्षेत्रों का सघन दौरा के साथ ही रात्रि विश्राम कर ग्रामीणों की समस्याओं को हल करने के निर्देश भी दिए हैं।

Attachments

One thought on “मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नसरुल्लागंज महाविद्यालय परिसर में किया पौधारोपण

  • April 12, 2021 at 12:39 pm
    Permalink

    I¦ve recently started a site, the info you offer on this web site has helped me greatly. Thanks for all of your time & work.

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *