निजी कॉलेजों की तर्ज पर यूटीडी कोर्स में भरेंगे 40%खाली सीटें

भोपाल
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि में हर साल यूनिविर्सटी टीचिंग डिपार्टमेंट (यूटीडी) की करीब 40 परसेंट सीटें खाली रह जाती हैं। इस साल ऐसी स्थिति नहीं बने, इसके लिए विवि ने प्लान बनाया है कि निजी कॉलेज की तर्ज पर इन कोर्सेस के फायदे बताए जाए, ताकि सभी सीटें भर जाएं।

अभी स्कूल ऑफ नैनो टेक्नोलॉजी के एमटेक नैनो की 18, स्कूल आॅफ बायोटेक्नोलॉजी एमटेक की 18 और स्कूल आॅफ एनर्जी एंड एनवायरमेंट मैनेजमेंट में एमटेक एनर्जी एंड टेक्नोलॉजी की 18 सीटों में से हर बार 15 से 20 सीटें खाली रह जाती हैं। इनके अलावा स्कूल आॅफ एप्लायड मैनेजमेंट में एमबीए की 60 सीटें भी बमुश्किल भर पाती हैं, लेकिन यूटीडी में दो ऐसे कोर्सेस हैं, जिनकी सभी सीटें हर साल फुल हो जाती है। इनमें स्कूल आॅफ इंफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी में 60 सीटें बीटेक की और स्कूल आॅफ आर्किटेक्ट में बी-आर्क की 60 सीट शामिल हैं। फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री की 10, फार्मास्यूटिक्स की 10 और क्वालिटी एश्योरेंस की 10 सीटों में वेटिंग रहती है।

 बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड बिजनेस सिस्टम की 60, एमटेक डाटा साइंस की 18 और एमटेक इंफार्मेशन टेक्नालॉजी की 18 सीटें भी भर जाती हैं। स्कूल आॅफ आर्किटेक्चर यानी बी-आर्क की 60 सीटे भी डिमांड में रहती हैं।

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