बिना जीएसटी बिल के रोजाना ढांगूपीर में गुजर रही रेत बजरी से भरी सैकड़ों गाड़ियां

ढांगूपीर
नदियों में अवैध खनन पर पाबंदी के कारण पिछले महीने से पंजाब की क्रशर इंडस्ट्री पूरी तरह से बंद पड़ी हुई है। जिसके चलते पंजाब की सीमा के साथ सटे डमटाल, टिपरी, ठाकुरद्वारा, कंदरोरी में प्रदेश के क्रशर मालिक की इन दिनों खूब चांदी है। परंतु दूसरी तरफ यही क्रशर मालिक इतनी मोटी कमाई करने के बावजूद राज्य सरकार को रोजाना लाखों का चूना लगाकर राजस्व को चपत लगा रहे हैं। जागरण की टीम द्वारा जब डमटाल एरिया का दौरा किया गया तो देखा गया कि वहां से बड़े-बड़े ट्रक ट्राले इत्यादि रेत बजरी तथा क्रशर भर भर कर पंजाब में जा रहे हैं। किंतु इनमें से ज्यादातर ट्रक ट्राले वालों के पास ना तो एक्स फार्म है न ही जीएसटी का कोई बिल। यह गोरखधंधा दिन रात सरकार तथा प्रशासन की नाक तले खुलेआम चल रहा है किंतु कोई भी प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं जो कि एक चिंता का विषय है।

नूरपुर की खनन अधिकारी ज्‍योतिपूरी ने कहा कि वहीं दूसरी तरफ हिमाचल से पंजाब में आने वाले रेत बजरी के गाड़ियों से पंजाब में एंट्री पर पंजाब सरकार की तरफ से जगह-जगह नाके लगाकर बिल तथा एक्स फार्म चेक किए जा रहे हैं जीएसटी बिल तथा एक्स फार्म ना मिलने की एवज में ट्रकों पर भारी-भरकम जुर्माना किया जा रहा है। जब इस बारे में खनन अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि क्रशर से भरकर आने वाली गाड़ियों के समय-समय दस्तावेज चैक किए जाते हैं तथा कागजात में कमी होने पर विभाग द्वारा उनसे जुर्माना वसूल किया जाता है। कहीं पर राजस्व को चूना नहीं लग रहा है, नियमों की उल्लंघना पर विभाग सख्त कदम उठा रहा है।

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