धनबाद SBI घोटाले में CBI को बड़ी सफलता, 20 साल से फरार दो आरोपी गिरफ्तार
धनबाद
Dhanbad SBI Scam स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की मुख्य शाखा, बैंक मोड़ में करीब दो दशक पहले हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) को बड़ी सफलता मिली है। रविवार को चलाए गए समन्वित अभियान में सीबीआई ने बृजभूषण प्रसाद को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के कोपरगांव से तथा करतार सिंह को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गिरफ्तार कर लिया।
करीब 20 वर्षों की फरारी के बाद हुई इन गिरफ्तारियों को सीबीआई एसीबी धनबाद की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। दोनों आरोपियों में एक को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए धनबाद न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वर्ष 2005 से फरार चल रहे दोनों आरोपी लंबे समय तक नेपाल में छिपे रहे और बाद में भारत लौटकर पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में रह रहे थे।
CBI के अनुसार, आरसी-11(ए)/2005-डी के तहत 31 अगस्त 2005 को मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया था कि नवंबर 2002 से जून 2005 के बीच एसबीआई की मुख्य शाखा, बैंक मोड़, धनबाद से करीब 1.25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और गबन किया गया था। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जांच के दौरान आरोपी बृजभूषण प्रसाद और करतार सिंह फरार हो गए थे। सीबीआई की कार्रवाई तेज होने पर दोनों नेपाल भाग गए। न्यायालय ने उन्हें घोषित अपराधी करार दिया था। उनकी गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था तथा नकद इनाम की भी घोषणा की गई थी।
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल से लौटने के बाद दोनों आरोपी अपनी असली पहचान छिपाकर अलग-अलग राज्यों में रह रहे थे, ताकि गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई से बच सकें। पिछले तीन-चार महीनों से सीबीआई एसीबी धनबाद की टीम मानव स्रोतों और तकनीकी निगरानी के जरिए उनके ठिकानों का पता लगाने में जुटी थी।
धनबाद सीबीआइ के सूत्रों ने बताया कि दूसरे आरोपित को भी लाया जा रहा है। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे भी न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।



