अलवर बाला किला मार्ग का होगा कायाकल्प, जुलाई से शुरू होगा निर्माण कार्य
अलवर
अलवर के ऐतिहासिक बाला किला जाने वाले रास्ते की सूरत अब जल्द ही बदलने वाली है। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए इस पहाड़ी मार्ग को स्थायी रूप से ठीक करने के लिए PWD ने जयपुर की एक निर्माण एजेंसी को टेंडर जारी कर दिया है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इसी महीने यानी जुलाई 2026 से ही सड़क बनाने का काम धरातल पर शुरू हो जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल की शुरुआत में नए साल के तोहफे के रूप में यह मार्ग आम जनता और वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
दो साल से बंद थी वाहनों की आवाजाही
आपको बता दें कि करीब दो साल पहले बारिश के चलते भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से बाला किला मार्ग पूरी तरह टूट गया था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस रास्ते पर वाहनों की एंट्री बंद कर दी थी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने करीब एक करोड़ रुपये खर्च करके अस्थाई रूप से मिट्टी के कट्टे लगवाकर रास्ता चालू करने की कोशिश की थी। इस जुगाड़ के सहारे बमुश्किल करणी माता का मेला तो संपन्न हो गया, लेकिन इस समस्या का कोई परमानेंट इलाज नहीं मिल पा रहा था। काफी समय तक योजना बनाने के बाद अब विभाग ने इसके पक्के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है।
एक्सपर्ट कंपनी को मिला काम
पहाड़ी रास्ता होने के कारण इस सड़क को बनाना काफी चुनौतीपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए PWD ने इस काम का ठेका जयपुर की एक ऐसी एजेंसी को दिया है, जिसके पास पहाड़ी क्षेत्रों और भूस्खलन (लैंडस्लाइड प्रोन) वाले इलाकों में काम करने का बेहतरीन पुराना अनुभव है। यह कंपनी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सड़क को इस तरह मजबूत बनाएगी ताकि भविष्य में भारी बारिश होने पर भी यहां दोबारा लैंडस्लाइड का खतरा न रहे।
पर्यटकों को मिलेगी बड़ी राहत
बाला किला अलवर का एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग घूमने आते हैं। रास्ता बंद होने के कारण पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को किले तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब इस पक्की सड़क के बनने से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किले के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए।
बाला किला मार्ग निर्माण के लिए वर्कऑर्डर जारी कर दिया गया है। सात माह में यह कार्य पूरा हो जाएगा – अल्का व्यास, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी



