जनगणना कार्य में लापरवाही पड़ी भारी, पंजाब शिक्षा विभाग ने वेतन रोकने के दिए आदेश

जालंधर.

जनगणना कार्य में लापरवाही और गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने 6 कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन अफसर (सैकेंडरी) जालंधर ने नगर निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर एवं चार्ज अफसर को पत्र जारी कर गैरहाजिर कर्मचारियों की सूची भेजी है। साथ ही इन कर्मचारियों की सैलरी तुरंत रोकने की सिफारिश भी की गई है।

पत्र में कहा गया है कि जनगणना का काम समयबद्ध और राष्ट्रीय महत्व का काम है। इसके बावजूद कई बार निर्देश देने और संपर्क करने के बाद भी संबंधित कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हो रहे और न ही फोन कॉल का जवाब दे रहे हैं। विभाग के अनुसार कर्मचारियों का यह रवैया जनगणना अभियान में देरी का कारण बन रहा है और सरकारी काम में बाधा पैदा कर रहा है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सिफारिश की गई है कि संबंधित कर्मचारियों की सैलरी अगले आदेश तक या ड्यूटी पूरी करने तक रोकी जाए। मामले को अति आवश्यक बताते हुए तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सुपरिंटैंडैंट इंजीनियर कम चार्ज अफसर ने इस संबंध में पत्र की प्रति खजाना अफसर जालंधर को भी भेज दी है।

जनगणना ड्यूटी से नाम कटवाने सिफारिशों के ढेर लगे
पूरे देश में चल रही जनगणना प्रक्रिया जालंधर में भी शुरू हो चुकी है। इस काम के लिए जालंधर नगर निगम के कमिश्नर को प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर बनाया गया है। इसके लिए सरकारी अधिकारियों और शिक्षकों को ड्यूटी दी गई थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से देखा जा रहा है कि शिक्षक और अन्य सरकारी कर्मचारी ड्यूटी से अपना नाम कटवाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं और निगम अधिकारियों पास सिफारिशों के ढेर लगे हुए हैं।

सोमवार को बड़ी संख्या में शिक्षक और अन्य सरकारी कर्मचारी नगर निगम में जमा हुए और ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. सुमनदीप कौर के दफ्तर के बाहर भीड़ देखी गई। कुछ कर्मचारियों और निगम अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। पता चला है कि निगम अधिकारियों ने बहुत ऊंची सिफारिशों के आधार पर कुछ लोगों की ड्यूटी काट भी दी है, जबकि कईयों को आश्वासन देने के बाद भी दोबारा ड्यूटी संबंधी पत्र भेजे गए। 

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