हरियाणा बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स हब! नई ESDM पॉलिसी को मंजूरी, सेमीकंडक्टर सेक्टर पर बड़ा दांव

 चंडीगढ़

हरियाणा सरकार ने राज्य को इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण और सेमीकंडक्टर निवेश का नया केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘हरियाणा इलेक्ट्रानिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण नीति 2026’ को मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृत इस नीति का उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट और सेमीकंडक्टर उद्योगों को आकर्षित कर बड़े स्तर पर निवेश और रोजगार सृजित करना है।

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सरकार ने इलेक्ट्रानिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए नई नीति लाने की घोषणा की थी। अब इस नीति को लागू कर हरियाणा सरकार देश की तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रानिक्स अर्थव्यवस्था में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने की तैयारी में है

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह और विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल की मौजूदगी में उद्योगपतियों से सलाह मशविरा करने के बाद इस नीति को अंतिम रूप दिया।

हरियाणा की नई नीति केंद्रीय योजनाओं के अनुरूप तैयार
भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है। केंद्र सरकार के अनुसार देश में इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण का आकार वर्ष 2014 के करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अब 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है।

मोबाइल फोन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है। भारत सरकार ने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग योजना और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से देश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने का लक्ष्य रखा है। हरियाणा की नई नीति भी इन्हीं केंद्रीय योजनाओं के अनुरूप तैयार की गई है।

गुरुग्राम-मेवात बेल्ट बनेगी नया इलेक्ट्रानिक्स हब
हरियाणा सरकार ने आइएमटी सोहना में लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण क्लस्टर विकसित करने की योजना बनाई है। दिल्ली-एनसीआर से निकटता, बेहतर सड़क नेटवर्क, कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की उपलब्धता इस क्षेत्र को निवेशकों के लिए आकर्षक बना सकेगी।

राज्य पहले से ही आटोमोबाइल और आटो कंपोनेंट निर्माण में अग्रणी है। अब सरकार इलेक्ट्रानिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग को भी उसी स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर जैसे औद्योगिक क्षेत्र इलेक्ट्रानिक्स निर्माण के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन सकते हैं।

उद्योगों को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन, पूंजी सहायता मिलेगी
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव डा. अमित अग्रवाल ने बताया कि नई नीति के तहत सरकार उद्योगों को 20 से 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सहायता देगी, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति इकाई 200 करोड़ रुपये होगी।

इसके अलावा 50 से 80 प्रतिशत तक परिचालन सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसकी सीमा 20 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष तय की गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हरियाणा में निर्मित इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे स्थानीय विनिर्माण इकाइयों को स्थायी बाजार मिलने की संभावना बढ़ेगी।

रोजगार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण क्षेत्र में बड़े निवेश आने से हरियाणा में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। मोबाइल कंपोनेंट, पीसीबी असेंबली, डिस्प्ले यूनिट, बैटरी पैक, आटो इलेक्ट्रानिक्स और चिप पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में एमएसएमइ इकाइयों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे।

इसके साथ ही राज्य में डिजाइन, रिसर्च एवं डेवलपमेंट और इलेक्ट्रानिक्स स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। हरियाणा सरकार ने संकेत दिए हैं कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए अलग से विशेष नीति तैयार की जा रही है।

केंद्र सरकार भी भारत में चिप निर्माण को बढ़ावा देने के लिए अरबों रुपये की प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। ऐसे में हरियाणा भविष्य में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट निर्माण का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *