RJD की ‘मुखिया दीदी’ ने थामा BJP का दामन, बिहार की राजनीति में हलचल तेज
पटना.
बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को झटका देते हुए पार्टी की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और ‘मुखिया दीदी’ के नाम से चर्चित रितु जायसवाल ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल भी मौके पर मौजूद रहे। राजद से लंबे समय तक जुड़ी रहीं रितु जायसवाल पिछले कुछ महीनों से पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रही थीं। 2025 के विधानसभा चुनाव में परिहार सीट से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने खुलकर बगावत कर दी थी। टिकट कटने से नाराज होकर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन करीब 64 हजार वोट हासिल कर उन्होंने अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ का संकेत दिया था। भाजपा में शामिल होने से पहले 24 मई को उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले के संकेत दे दिए थे। पोस्ट में उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बताते हुए जनहित में काम जारी रखने की बात कही थी।
पंचायत राजनीति से प्रदेश स्तर तक बनाया प्रभाव
सीतामढ़ी जिले के सिंहवाहिनी पंचायत से राजनीति की शुरुआत करने वाली रितु जायसवाल ने बहुत कम समय में बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2016 में वह मुखिया चुनी गईं और पंचायत स्तर पर किए गए कार्यों की वजह से तेजी से चर्चाओं में आईं। उन्हें 2017 में एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट द्वारा ‘आदर्श युवा सरपंच सम्मान’ दिया गया। इसके बाद 2018 में उपराष्ट्रपति के हाथों ‘चैंपियंस ऑफ चेंज’ पुरस्कार भी मिला। वर्ष 2019 में उनकी पंचायत को दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण सम्मान से नवाजा गया।
राजद में तेजी से बढ़ा कद
राष्ट्रीय जनता दल ने 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्हें परिहार सीट से उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता और फिर महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। 2024 के लोकसभा चुनाव में राजद ने उन्हें शिवहर सीट से मैदान में उतारा। उन्होंने करीब 4.74 लाख वोट हासिल किए, लेकिन लगभग 29 हजार मतों से हार गईं। इसके बावजूद उनकी राजनीतिक सक्रियता और जनाधार चर्चा में रहा। हालांकि 2025 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद राजद ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था।
भाजपा के लिए क्यों अहम हैं रितु जायसवाल
राजनीतिक जानकारों की मानें तो महिला वोट बैंक, पंचायत स्तर की मजबूत पकड़ और मिथिलांचल क्षेत्र में सक्रियता को देखते हुए भाजपा के लिए रितु जायसवाल का शामिल होना अहम माना जा रहा है।
अब तक का राजनीतिक सफर
2016 : सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया बनीं
2017 : आदर्श युवा सरपंच सम्मान प्राप्त
2018 : चैंपियंस ऑफ चेंज पुरस्कार मिला
2019 : पंचायत को राष्ट्रीय स्तर का सम्मान
2020 : राजद में शामिल होकर विधानसभा चुनाव लड़ा
2021 : राजद की प्रदेश प्रवक्ता और महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष बनीं
2024 : शिवहर लोकसभा चुनाव लड़ा
2025 : निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा और अब भाजपा में शामिल हुईं



