चंडीगढ़ बस स्टैंड पर हाई अलर्ट: पुलिस ने चलाया सघन चेकिंग अभियान, हर बस और यात्री की हुई तलाशी
चंडीगढ़
चंडीगढ़ में हाल के दिनों में हुई फायरिंग की घटनाओं के बाद पुलिस ने शुक्रवार सुबह सेक्टर-43 इंटर स्टेट बस टर्मिनस (ISBT) पर बड़ा सुरक्षा अभियान चलाया। ऑपरेशन सेल की टीम ने अचानक बस स्टैंड पहुंचकर पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
यह विशेष अभियान ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर जसपाल सिंह की अगुवाई में चलाया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस की मौजूदगी देखकर बस स्टैंड पर मौजूद कई यात्री कुछ देर के लिए घबरा गए। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से चलाया गया था।
पुलिस बैग की जांच करती हुई।
बसों से लेकर यात्रियों के सामान की जांच
अभियान के दौरान ऑपरेशन सेल की टीम ने बस स्टैंड के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया। इसके बाद अंदर आने-जाने वाली हर बस की जांच की गई। पुलिसकर्मी बसों में चढ़कर यात्रियों के बैग, सामान, सीटों के नीचे रखे लगेज की तलाशी लेते रहे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसी बस में कोई संदिग्ध व्यक्ति या सामान तो मौजूद नहीं है।
इस अभियान का उद्देश्य बस स्टैंड के माध्यम से किसी भी अपराधी या अवैध सामग्री की आवाजाही को रोकना था। बस स्टैंड परिसर में मौजूद दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी संचालकों, बस चालकों, परिचालकों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। पुलिस ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने हाल के दिनों में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा है। दुकानों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास भी विशेष निगरानी रखी गई।
पुलिस ने बस स्टैंड के वेटिंग एरिया, टिकट खिड़की, पार्किंग, शौचालय, फुटओवर ब्रिज और अधिक भीड़भाड़ वाले सभी स्थानों की जांच की। पुलिसकर्मी पूरे परिसर में लगातार गश्त करते रहे और हर आने-जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखी। इस अभियान का उद्देश्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना, अपराधियों पर निगरानी रखना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। करीब दो घंटे चले इस अभियान में बस स्टैंड के हर हिस्से की गहन जांच की गई।
फायरिंग की घटनाओं के बाद जांच
चंडीगढ़ में हुई फायरिंग और गैंगस्टर से जुड़ी घटनाओं की जांच में सामने आया है कि कुछ आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद बसों के जरिए शहर से फरार हो गए थे, जबकि कुछ पहले भी बसों के माध्यम से चंडीगढ़ पहुंचे थे। इससे स्पष्ट हुआ कि अपराधी बस स्टैंड का इस्तेमाल आवाजाही के लिए कर रहे हैं।
इसी को देखते हुए पुलिस ने सेक्टर-43 बस स्टैंड पर सर्च अभियान चलाया। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई संदिग्ध व्यक्ति, गैंगस्टर या अपराधी बसों के जरिए शहर में प्रवेश या बाहर न निकल सके। इस दौरान बसों, यात्रियों और उनके सामान की गहन जांच की गई तथा संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर उनकी पहचान और यात्रा से जुड़ी जानकारी ली गई।
बस स्टैंड के बाहर नहीं सीसीटीवी कैमरे
सेक्टर-43 बस स्टैंड के भीतर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन बाहर, खासकर कजहेड़ी की ओर पेट्रोल पंप के पास कैमरे नहीं हैं। पुलिस का कहना है कि कई बार आरोपी इसी रास्ते का फायदा उठाकर आसानी से निकल जाते हैं। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बस स्टैंड के बाहरी हिस्से में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने की जरूरत महसूस की जा रही है।



