यूपी के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के पीजी डिप्लोमा की मान्यता उच्च स्तर की

लखनऊ

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने और प्रदेश को खेल शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का पीजी डिप्लोमा एनएसएनआईएस, एलएनआईपीई और यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के समकक्ष मान्य होगा। 
यह मान्यता न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रमाणित करती है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी अवसर भी प्रदान करेगी। इससे राज्य के खिलाड़ी और खेल प्रशिक्षक बनने के इच्छुक युवा अब उत्तर प्रदेश में रहकर ही उच्च गुणवत्ता वाली खेल शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

एनएसएनआईएस, एलएनआईपीई और यूजीसी मान्यता प्राप्त डिप्लोमा के समकक्ष होगी

मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किया जाने वाला स्नातकोत्तर डिप्लोमा (स्पोर्ट्स कोचिंग), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की अधिसूचना 2018 के अनुसार नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनएसएनआईएस) पटियाला, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) ग्वालियर और यूजीसी से मान्यता प्राप्त राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान किए जाने वाले समकक्ष डिप्लोमा के समान मान्य होगा। इस मान्यता का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यहां से डिप्लोमा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को देशभर के खेल संस्थानों, विश्वविद्यालयों, सरकारी विभागों, खेल अकादमियों तथा निजी संस्थानों में रोजगार और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। इससे उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च गुणवत्ता वाली कोचिंग शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी

खेल शिक्षा एवं उत्कृष्ट प्रशिक्षकों के निर्माण के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी है। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 31 जुलाई 2026 कर दिया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकते हैं। इस निर्णय का उद्देश्य अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर उपलब्ध कराना है।

इन खेल विधाओं में मिलेगा प्रशिक्षण

विश्वविद्यालय का एक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा कार्यक्रम आधुनिक खेल विज्ञान एवं कोचिंग तकनीकों पर आधारित है। इस सत्र में एथलेटिक्स, बैडमिंटन, कबड्डी, कुश्ती, मुक्केबाजी, योग, हॉकी तथा खेल पत्रकारिता एवं जनसंचार विषयों में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय जल्द ही इक्वेस्ट्रियन स्पोर्ट्स (अश्वक्रीड़ा) में भी डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है, जिसका विस्तृत विवरण अलग से जारी किया जाएगा। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय न्यूनतम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण खेल शिक्षा, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध कराएगा।"

विश्वस्तरीय सुविधाओं से तैयार होंगे प्रशिक्षक

मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को अनुभवी एवं विशेषज्ञ संकाय, अत्याधुनिक खेल अवसंरचना, आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण, खेल विज्ञान आधारित शिक्षण प्रणाली तथा वैश्विक स्तर की सीखने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे दक्ष और प्रशिक्षित कोच तैयार करना है जो भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर सकें।

इच्छुक अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील

विश्वविद्यालय ने सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन करने की अपील की है। प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और अन्य विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट https://sportsuniup.com पर उपलब्ध है। योगी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में खेलों के विकास को प्राथमिकता दी है। प्रदेश में पहला खेल विश्वविद्यालय, स्पोर्ट्स कॉलेज, स्टेडियम और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति, पुरस्कार और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी कड़ी में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना प्रदेश के खेल इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय मानी जा रही है। 

पीजी डिप्लोमा के छात्रों के लिए रोजगार के खुलेंगे नए अवसर

मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने बताया कि राज्य विश्वविद्यालय की मान्यता प्राप्त होने से इन पीजी डिप्लोमा कार्यक्रमों के छात्रों के लिए रोजगार के अवसर और अधिक विस्तृत होंगे। साथ ही विशेष रूप से उत्तर भारत के अभ्यर्थियों को अब राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण खेल शिक्षा अपने ही क्षेत्र में अधिक सुलभ एवं सुविधाजनक रूप से उपलब्ध हो सकेगी। यह मान्यता खेल शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी तथा उन्हें अपने करियर को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी।

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