मिड-डे-मील में फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम, स्कूलों में डिजिटल होगी बच्चों की हाजिरी
चंडीगढ
सरकारी स्कूलों में अब मिड-डे-मील में कोई फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। बच्चों की हाजिरी की डिजिटल निगरानी की जाएगी। एमआइएस पोर्टल और रजिस्टर के साथ एप का मिलान किया जाएगा। हाजिरी में गड़बड़ी मिलने पर स्कूल मुखिया की जवाबदेही तय होगी
शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। बच्चों की दैनिक हाजिरी का सत्यापन किया जाएगा। कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों की हाजिरी अब स्कूल के साथ पीएम पोषण एप, एमआइएस पोर्टल और रजिस्टर में दर्ज करानी होगी।
तीनों रिकार्ड में गड़बड़ी मिलने पर विद्यालय मुखिया को जवाब देना होगा। कक्षा अध्यापक से लेकर मिड-डे मील इंचार्ज और स्कूल मुखिया को जिम्मेदारी तय की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और डिप्टी डीईओ के हर रोज स्कूलों के रिकार्ड की जांच करेंगे।
निदेशालय की ओर से हिदायत जारी की गई है कि प्रत्येक कक्षा के अध्यापक प्रतिदिन विद्यार्थियों की हाजिरी लेंगे और उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या मिड-डे मील इंचार्ज को बताएंगे। संबंधित अध्यापकों के हस्ताक्षर करवाने के बाद मिड-डे मील इंचार्ज रजिस्टर में अटेंडेंस का कुल योग दर्ज करेगा और विद्यालय मुखिया के हस्ताक्षर करवाएगा।
इसी रिकार्ड के आधार पर पीएम पोषण एप पर विद्यार्थियों की उपस्थिति अपडेट की जाएगी। एमआइएस में लागिन कर प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत उपस्थिति मार्क की जाएगी। विद्यालय मुखिया को यह सुनिश्चित करना होगा कि एमआइएस पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति, पीएम पोषण एप और रजिस्टर में दर्ज उपस्थिति में किसी तरह की त्रुटि या गड़बड़ी न हो।
निदेशालय की ओर से रिकार्ड को अपडेट करने के साथ निगरानी की भी योजना तैयार की है। स्कूल मुखिया के साथ विभागीय अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की है। निदेशालय की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि खंड शिक्षा अधिकारी अपने ब्लाक में प्रतिदिन रैंडम आधार पर कम से कम पांच स्कूलों के मिड-डे-मील हाजिरी रजिस्टर की प्रति मंगवाकर जांच करेंगे।
इस प्रति पर संबंधित विद्यालय मुखिया के हस्ताक्षर होना अनिवार्य होगा। इसी तरह सभी डिप्टी डीईओ भी प्रतिदिन रैंडम आधार पर पांच स्कूलों का चयन कर उनके मिड-डे-मील हाजिरी रजिस्टर की प्रति मंगवाकर जांच करेंगे।
रजिस्टर हाजिरी के साथ विद्यालयों द्वारा पीएम पोषण एप पर प्रतिदिन अपडेट की जाने वाली हाजिरी का भी नियमित रिव्यू किया जाएगा। विभागीय स्तर पर इस डिजिटल रिकार्ड के माध्यम से विद्यार्थियों की उपस्थिति की निगरानी की जाएगी। विद्यालय मुखिया की हाजिरी और उनके कार्य की निगरानी भी पीएम पोषण एप पर अपडेट की गई विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर की जाएगी।



