सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताने पर हरियाणा विधानसभा में हंगामा, बागी कांग्रेस विधायक ने की कार्रवाई की मांग
चंडीगढ़.
1984 के सिख दंगों के दोषी कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को रोल मॉडल कहने का मुद्दा विधानसभा में खूब गरमाया। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सज्जन कुमार को रोल मॉडल कहा था, जबकि दीपेंद्र हुड्डा इस आरोप को पूरी तरह खारिज कर चुके हैं।
कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा द्वारा दीपेंद्र हुड्डा के विरुद्ध कांग्रेस हाईकमान को पत्र लिखने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ गया, जिसकी गूंज बृहस्पतिवार को विधानसभा में भी सुनाई दी। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के विरुद्ध मतदान करने वाले रतिया के विधायक सरदार जरनैल सिंह ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया। कांग्रेस के हंगामे के बीच जरनैल सिंह हाथ में एक पर्चा लेकर अपनी सीट पर खड़े हो गए, जिस पर लिखा था कि 1984 के सिख दंगों के दोषी को रोल मॉडल बताने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। उनका इशारा सीधे तौर पर सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की तरफ था। जरनैल सिंह ने कहा कि सिखों की भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को माफी मांगनी चाहिए।
सदन में जरनैल सिंह कानूनी रूप से कांग्रेस के ही विधायक हैं। उन्हें सदन में पर्चा लहराता देख बरौदा के कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल अपनी सीट से खड़े हुए और जरनैल सिंह के हाथों से उन्होंने पर्चा छीन लिया। इस बात पर भाजपा विधायकों ने हंगामा कर दिया। हंगामे के बीच जरनैल सिंह भाजपा विधायकों की तरफ चले गए, जिस पर कांग्रेस विधायक आफताब अहमद और विकास सहारण मोबाइल से उनका वीडियो बनाने लगे। विधानसभा स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने आफताब और विकास को चेतावनी देते हुए कहा कि वे सदन के भीतर वीडियो नहीं बना सकते। इस दौरान दोनों तरफ से नारेबाजी तेज हो गई।
हरियाणा के सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने विवाद को हवा देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक ने एक दलित विधायक जरनैल सिंह को बोलने नहीं दिया और उनके हाथ से पर्चा छीनकर अपमान किया है। बाद में मीडिया से बात करते हुए जरनैल सिंह ने भी इंदुराज नरवाल की इस कार्यवाही पर नाराजगी जाहिर की। विधानसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि 55 साल तक देश की जनता ने अन्याय सहा है। ये लोग झूठ फैलाने का काम करते हैं। इनके कार्यकाल में टायर गले में डालकर जलाया जाता था।
भय के चलते लोगों को कटवाने पड़े थे केश
मुख्यमंत्री ने सिखों के दुख में शामिल होते हुए कहा कि अपने केश से प्रेम करने वाले लोगों को भय के चलते केश कटवाने पड़े थे। 1984 का दौर रोंगटे खड़े करता है। कांग्रेस के लोग उन लोगों को अपना रोल मॉडल बताते हैं। आज तक इन लोगों ने माफी नहीं मांगी है। जख्म पर नमक-मिर्च लगाने का काम कांग्रेस कर रही है। जरनैल सिंह के सिख दंगों वाला पोस्टर दिखाने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वे ऐसा पोस्टर हाउस में नहीं दिखा सकते, यह नियम है। हमें नियम का पता है, जरनैल सिंह को नहीं पता है। हुड्डा ने कहा कि स्पीकर को न्यूट्रल होना चाहिए, लेकिन वे सरकार को बचा रहे हैं।



