JPSC मेधा घोटाला: पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत 20 जेल में, 7 आरोपी अब भी फरार
रांची
जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआइडी ने जांच शुरू होने से लेकर अब तक पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते सहित 20 आरोपितों को जेल भेज दिया है।
सात ऐसे आरोपित भी हैं, जो जांच शुरू होने के बाद से ही फरार चल रहे हैं। अगर समय रहते वे सीआइडी के सामने उपस्थित नहीं हुए तो जांच एजेंसी सीआइडी की विशेष अदालत से उपरोक्त संदिग्धों, आरोपितों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट, कुर्की जब्ती आदि भी करेगी।
इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनकी तलाश के सीआइडी ने पांच दिनों में कई दिनों तक दबिश दी, लेकिन इनका पता नहीं चल सका। इन आरोपितों पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता, कथित पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी सहित कई गंभीर आरोप हैं।
ये सभी आरोपित सीआइडी थाना कांड संख्या 16/2026 के संदिग्ध हैं। इनपर पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी, अवैध लेन-देन, सेटिंग कर परीक्षा पास कराने आदि के आरोप हैं।
गिरफ्तार 20 आरोपितों से पूछताछ व छानबीन में इन आरोपितों के नाम सामने आए हैं। इन आरोपितों में रांची के नामकुम का रहने वाला आदित्य पांडेय, टाटीसिलवे निवासी पवन कुमार सिंह, पलामू के बारालोटा निवासी रविशंकर कुमार, पलामू के ही हमीदगंज निवासी संतोष कुमार सिंह, बोकारो सेक्टर 3 निवासी सानन्द प्रकाश, कोर्रा हजारीबाग का रहने वाला लालू कुमार यादव और बेंगाबाद गिरिडीह का सौरभ कुमार पांडेय शामिल है। जाचं में कई प्रभावशाली लोगों के जुड़े होने के भी संकेत हैं, जिसकी जांच चल रही है।
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा मामले में पूर्व के केस डायरी पर भी नए सिरे से जांच
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी मामले की जांच कर रही सीआइडी ने पूर्व में जांच के दौरान अक्टूबर 2025 में 12 अहम और तकनीकी बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल करने के सुझाव दिए थे।उपरोक्त केस डायरी पर नए सिरे से भी जांच जारी है।
पूर्व में जब्त मोबाइल से फोरेंसिक डेटा निकालकर उसकी जांच की जा रही है। इस मामले के अन्य आरोपित विनय शाह और अनीश कुमार के आधार कार्ड के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि उनके नाम पर कोई अन्य नया सिम कार्ड तो जारी नहीं कराया गया था।
प्राथमिकी व गवाहों के बयानों में यह बात सामने आई थी कि परीक्षा तिथि से 2-3 दिन पूर्व छात्रों को आसनसोल के सिन्धी होटल, नियामतपुर के विवाह भवन सहित मुजफ्फरपुर, रांची, मांडू, दिल्ली और काठमांडू (नेपाल) तक ले जाकर प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था। सीआइडी इन सभी ठिकानों का भौतिक सत्यापन भी कर रही है।



