बनभूलपुरा में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले कड़ा पहरा, 50 हजार लोगों के घरों पर संकट; जानें पूरा विवाद
हल्द्वानी/देहरादून
हल्द्वानी के वनभूलपुरा में रेलवे भूमि पर अतिक्रमण मामले में आज बुधवार को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना सकता है। बताया जा रहा है कि इस बार मामला तीसरे नंबर पर लगा है। ऐसे में अंतिम निर्णय आने की संभावना को देखते हुए वनभूलपुरा में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पूरे क्षेत्र को दो सुपर समेत छह जोन में बांटा गया है। बता दें कि रेलवे की भूमि पर 4,365 परिवारों ने अतिक्रमण कर रखा है, जिनमें करीब पचास हजार लोग शामिल हैं। इनमें ज्यादातर मुसलमान परिवार शामिल हैं।
नैनीताल एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी ने बताया कि सुनवाई के मद्देनजर इलाके को चारों तरफ से कवर किया गया है। इसके लिए मंगलवार को कोतवाली सभागार में एसपी क्राइम डॉ.जगदीश चंद्र ने फोर्स को ब्रीफ भी किया है। बताया कि सभी सुपर और जोन में राजपत्रित अधिकारियों को सुरक्षा की कमान दी गई है।
फ्लैग मार्च किया, ड्रोन से कड़ी नजर
यहां दो एसपी, पांच सीओ, 15 इंस्पेक्टर-एसओ, 10 चौकी प्रभारी, 45 दरोगा, 10 महिला दरोगा, 182 कांस्टेबल-हेड कांस्टेबल, 47 महिला सिपाही, दो कंपनी पीएसी और दो ड्रोन विशेषज्ञ की टीमें तैनात की गई हैं। 100 से अधिक लोगों का सत्यापन पुलिस कर चुकी है। 2024 में हुए दंगे के आरोपियों का भी चिह्नीकरण कर रही है। मंगलवार शाम फ्लैग मार्च भी किया।
वनभूलपुरा को चार जोन में बांटा, भारी पुलिस बल तैनात
पुलिस के मुताबिक, क्षेत्र को दो सुपर जोन और चार जोन में बांटा गया है तथा तीन पुलिस अधीक्षक, पांच क्षेत्राधिकारी और 15 थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा पीएसी की दो कंपनियां भी तैनात की गई हैं। पुलिस ने बताया कि निगरानी के लिए ड्रोन की दो टीम भी क्षेत्र में तैनात की गई हैं, जो संवेदनशील जगहों, गलियों और छतों पर पैनी नजर रखेंगी। ड्रोन के साथ-साथ जमीनी निगरानी की व्यवस्था भी की गई है।
उपद्रवियों पर ऐक्शन होगा
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि पुलिस ने कहा कि छतों पर पत्थर, रोड़ी, ईंट, मलबा, हथियार या हथियारनुमा वस्तुएं जमा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, अग्निशमन विभाग की चार यूनिट, यातायात पुलिस की चार टीम, बम निरोधक दस्ते की एक टीम, हॉक पुलिस की दो यूनिट, आंसू गैस के गोले दागने वाली दो टीम, दो दंगा रोधी टीम और फायरिंग दस्ते की दो टीम भी तैनात की गई हैं, जबकि आवश्यकतानुसार अन्य वाहन एवं संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
पुलिस की लोगों से शांति बनाए रखने की अपील
एसएसपी ने लोगों से उच्चतम न्यायालय के फैसले का सम्मान करने और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि अफवाह, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने तथा भड़काऊ बयानबाजी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामला क्या है
रेलवे के मुताबिक, उसकी भूमि पर 4,365 परिवारों ने अतिक्रमण कर रखा है, जिनमें करीब पचास हजार लोग शामिल हैं। इनमें ज्यादातर मुसलमान परिवार शामिल हैं। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने दिसंबर 2022 में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने का आदेश दिया था, जिसे प्रभावित लोगों ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।



