लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर CM धामी ने दी श्रद्धांजलि, सादगी और राष्ट्रसेवा को किया याद
देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनका स्मरण किया है। जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का संपूर्ण जीवन सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने अपने आचरण और कार्यशैली से यह सिद्ध किया कि सादगी और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ भी राष्ट्र के प्रति बड़े दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी ने देश के कठिन दौर में नेतृत्व प्रदान करते हुए राष्ट्र के आत्मविश्वास को मजबूत किया। उनका प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान, जय किसान’ देश की सुरक्षा और खाद्य आत्मनिर्भरता के लिए सैनिकों तथा किसानों के योगदान के महत्व को रेखांकित करता है। यह नारा आज भी देशवासियों में राष्ट्रप्रेम, एकजुटता और कर्तव्यबोध की भावना का संचार करता है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी जयंती के अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी जी ने सत्य, अहिंसा, प्रेम, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाया। उनके विचार और आदर्श आज भी समाज और पूरी मानवता का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी जी ने देश को स्वतंत्रता दिलाने के संघर्ष में सत्य और अहिंसा को सबसे बड़ी शक्ति बनाया। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर स्वतंत्रता आंदोलन को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया और देशवासियों में स्वाधीनता, स्वाभिमान तथा एकता की भावना को मजबूत किया। उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि दृढ़ संकल्प, सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवता के प्रति करुणा, जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता, आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना को अपने जीवन में अपनाना ही महात्मा गांधी जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से गांधी जी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले राज्य आंदोलन के अमर शहीदों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुजफ्फरनगर कांड (रामपुर तिराहा) की बरसी की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण में राज्य आंदोलनकारियों और अमर शहीदों का योगदान अविस्मरणीय है। उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान को प्रदेशवासी सदैव श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को अलग राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए राज्य आंदोलनकारियों ने लंबे समय तक संघर्ष किया और अनेक आंदोलनकारियों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। उनके संघर्ष और बलिदान के परिणामस्वरूप ही उत्तराखण्ड राज्य का गठन हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों की भावनाओं और आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखण्ड का विकास करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड के समग्र, संतुलित और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, रोजगार और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ ही युवाओं, महिलाओं, किसानों और स्थानीय लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को देश का आदर्श एवं अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमें राज्य आंदोलन की मूल भावना को अपने कार्यों में प्रतिबिंबित करना होगा। इसके लिए प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण का संरक्षण करते हुए विकास की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति के लिए सरकार और समाज को मिलकर कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलन के अमर शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके सपनों के उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और एकजुटता के साथ कार्य करें। उन्होंने प्रदेशवासियों से शहीदों के बलिदान को सदैव स्मरण रखते हुए राज्य की उन्नति और समृद्धि के लिए अपना योगदान देने का आह्वान किया।



