अंकिता भंडारी को इंसाफ दिलाने की मांग, युवाओं ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार
हल्द्वानी.
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के युवा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में अनूठे तरीके से विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने अपने हाथ से खून निकालकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन लिखा और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
बुधवार को प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय सुनिश्चित करने की मांग करते हुए राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप की अपील की। हाथ से खून निकालकर ज्ञापन लिखने के इस तरीके के जरिये युवाओं ने मामले को लेकर अपना आक्रोश और न्याय की मांग जाहिर की।
18 सितंबर 2022 को अंकिता लापता –
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली अंकिता भंडारी ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र और चीला के बीच मौजूद वंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करती थीं. 18 सितंबर 2022 को अंकिता के लापता होने की ख़बर मिली थी. 24 तारीख़ को सवेरे चीला नहर से अंकिता का शव बरामद किया गया था. रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और असिस्टेंट मैनेजर अंकित गुप्ता को गिरफ़्तार किया गया. तीनों ने उन्हें नहर में धकेलने की बात कबूल की और मई 2025 में तीनों को दोषी ठहराया गया. इस मामले के सामने आने के बाद उत्तराखंड में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए. मामला राजनीतिक रूप से भी विवादास्पद हो गया, क्योंकि तीन दोषियों में से एक पुलकित आर्य तत्कालीन बीजेपी नेता विनोद आर्य का बेटा है.
अंकिता की हत्या का मामला सामने आने के बाद विनोद आर्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. 19 वर्षीय अंकिता की हत्या का आरोप रिसॉर्ट संचालक और भाजपा नेता और पूर्व राज्यमंत्री विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य, रिज़ॉर्ट मैनेजर सौरभ भास्कर और एक अन्य कर्मी अंकित पर था. पुलकित के भाई अंकित भी उत्तराखंड में अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष थे, जिन्हें यह मामला सामने आने के बाद इस पद से हटा दिया गया था. कहना है कि अंकिता को 'अनैतिक कार्य' के लिए मजबूर किया जा रहा था और जब अंकिता ने इस बारे में दूसरों को बताने की धमकी दी तो उनकी हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को मई 2025 में दोषी ठहराया गया और अब वे जेल में उम्र क़ैद की सज़ा काट रहे हैं.



